Activating Cost Centres & Categories — कॉस्ट सेंटर चालू करना

ईआरपी 9 (Tally.ERP 9) में Cost Centres और Cost Categories दोनों को एक साथ चालू करने से आप अपने खर्चों और आमदनी की बहुत बारीक (Advanced) ट्रैकिंग कर सकते हैं। Cost Centre: यह वह अंतिम जगह, व्यक्ति या विभाग है जहाँ खर्च होता है (जैसे: अमित, सुमित, मुंबई ब्रांच, दिल्ली ब्रांच)। Cost Category: यह कॉस्ट सेंटर्स का एक समूह या समानांतर (Parallel) पैमाना है। उदाहरण के लिए, यदि आप खर्चों को विभाग (Departments) के आधार पर भी देखना चाहते हैं और कर्मचारियों (Employees) के आधार पर भी, तो आप 'Departments' और 'Employees' नाम की दो अलग-अलग कैटेगरीज़ बनाएंगे। टैली में दोनों फीचर्स को चालू (Activate) करने की प्रक्रिया कीबोर्ड शॉर्टकट का उपयोग करके इन दोनों फीचर्स को इस प्रकार सक्रिय करें: 1.:F11.F1" title="कंपनी फीचर्स (Features) खोलें">Gateway of Tally पर रहते हुए अपने कीबोर्ड से F11 बटन दबाएं। इसके बाद कंपनी फीचर्स की लिस्ट में से F1 (Accounting Features) को चुनें। 2.दोनों विकल्पों को Yes करें:Cost/Profit Centres Management.'Cost/Profit Centres Management' हेडिंग के नीचे आएं और इन दो विकल्पों को Yes में बदलें:Maintain Cost Centres? ➔ Yes करें।Maintain more than one cost category? ➔ Yes करें। 3.सेटिंग्स सुरक्षित (Save) करें:Ctrl + A.इन दोनों विकल्पों को Yes करने के बाद, कीबोर्ड से Ctrl + A दबाएं ताकि यह सेटिंग्स पूरी कंपनी पर लागू और सेव हो जाएं। सक्रिय करने के बाद: कैटेगरी और सेंटर कैसे बनाएं? फीचर्स चालू करने के बाद, उन्हें मास्टर डेटा में इस क्रम में बनाया जाता है: चरण 1: पहले कॉस्ट कैटेगरी (Cost Category) बनाएं Gateway of Tally > Accounts Info > Cost Categories > Create पर जाएं। नाम डालें (उदाहरण के लिए: Branches या Projects)। Allocate Revenue Items (Yes): इसे Yes रखें ताकि खर्च/आमदनी (P&L items) इसमें बांटी जा सके। Allocate Non-Revenue Items (No): इसे No ही रहने दें (इसका उपयोग केवल बैलेंस शीट आइटम जैसे एसेट्स के लिए होता है)। स्क्रीन सेव करें। चरण 2: अब कॉस्ट सेंटर (Cost Centre) बनाएं और कैटेगरी से जोड़ें Gateway of Tally > Accounts Info > Cost Centres > Create पर जाएं। सबसे ऊपर Category वाले विकल्प में अपनी बनाई हुई कैटेगरी चुनें (जैसे: Branches)। Name में उस विशिष्ट सेंटर का नाम लिखें (जैसे: Raipur Branch या Mumbai Branch)। इसे सेव करें। वास्तविक व्यावसायिक उदाहरण (Practical Use Case) मान लीजिए आपकी कंपनी ने ₹50,000 का विज्ञापन (Advertisement) खर्च किया। आप इसे दो अलग-अलग तरीकों से ट्रैक करना चाहते हैं: यह खर्च किस राज्य/ब्रांच के लिए हुआ? (Category: Regions) ➔ CG, MP (Cost Centres) यह खर्च किस माध्यम से हुआ? (Category: Media) ➔ Newspaper, Digital Ads (Cost Centres)

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